जानें PM विश्वकर्मा योजना 2026 की पूरी जानकारी। पात्रता, 18 पारंपरिक व्यवसाय, ₹3 लाख तक बिना गारंटी लोन, ₹15,000 टूलकिट, ₹500 प्रतिदिन प्रशिक्षण भत्ता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और 23 जुलाई 2026 का नवीनतम अपडेट।
PM विश्वकर्मा योजना 2026
देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) चला रही है। यह योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) की एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) योजना है।
इस योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 (विश्वकर्मा जयंती) को हुई थी। सरकार ने इसके लिए ₹13,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है, जो वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक पांच वर्षों के लिए लागू है।
इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान, आधुनिक प्रशिक्षण, नए उपकरण, सस्ता ऋण, डिजिटल लेनदेन का प्रोत्साहन और बेहतर मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराना है ताकि उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार हो सके।
PM विश्वकर्मा योजना क्या है?
PM विश्वकर्मा योजना उन कारीगरों के लिए बनाई गई है जो अपने हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करते हैं और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका चलाते हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य है—
- पारंपरिक कारीगरों को सरकारी पहचान देना।
- कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से दक्षता बढ़ाना।
- आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना।
- बिना गारंटी सस्ता व्यवसायिक ऋण देना।
- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना।
- उत्पादों को देश और विदेश के बाजार तक पहुंचाना।
- कारीगरों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करना।
इस योजना का संचालन संयुक्त रूप से निम्न विभाग करते हैं—
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) – नोडल मंत्रालय
- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- वित्तीय सेवा विभाग
PM विश्वकर्मा योजना 2026 Highlights
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना |
| शुरुआत | 17 सितंबर 2023 |
| मंत्रालय | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) |
| योजना अवधि | FY 2023-24 से FY 2027-28 |
| कुल बजट | ₹13,000 करोड़ |
| लाभार्थी | पारंपरिक कारीगर एवं शिल्पकार |
| अधिकतम लोन | ₹3 लाख |
| ब्याज दर | लाभार्थी के लिए 5% |
| आवेदन | नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से |
| आधिकारिक पोर्टल | pmvishwakarma.gov.in |
PM विश्वकर्मा योजना के लिए पात्रता
आवेदन करने वाले व्यक्ति को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी—
- आवेदक 18 अधिसूचित पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए।
- वह अपने हाथों और औजारों से कार्य करता हो।
- स्वरोजगार के आधार पर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत होना चाहिए।
- पंजीकरण की तिथि पर उसी व्यवसाय में सक्रिय होना जरूरी है।
- आवेदन के समय न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
- एक परिवार से केवल एक सदस्य आवेदन कर सकता है।
- परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल माने जाएंगे।
- सरकारी कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य पात्र नहीं हैं।
- पिछले 5 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की समान ऋण आधारित योजनाओं (जैसे PMEGP, PM SVANidhi, Mudra) का लाभ नहीं लिया होना चाहिए। हालांकि, कुछ मामलों में ऋण पूरी तरह चुकाने वाले आवेदक वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र हो सकते हैं।
PM विश्वकर्मा योजना के लाभ
1. सरकारी पहचान
सफल आवेदन के बाद लाभार्थी को—
- PM विश्वकर्मा प्रमाणपत्र
- PM विश्वकर्मा आईडी कार्ड
दिया जाता है।
2. कौशल प्रशिक्षण
कारीगरों को दो प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है—
बेसिक ट्रेनिंग
- 5 से 7 दिन
- लगभग 40 घंटे
एडवांस ट्रेनिंग
- 15 दिन या अधिक
- लगभग 120 घंटे
प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।
3. टूलकिट सहायता
कौशल सत्यापन के बाद और सामान्यतः बेसिक प्रशिक्षण शुरू होने पर लाभार्थी को अपने व्यवसाय के अनुरूप आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 तक का ई-वाउचर/e-RUPI दिया जाता है।
यह लाभ प्रशिक्षण के बिना नहीं मिलता।
4. बिना गारंटी ₹3 लाख तक का लोन
योजना के तहत Enterprise Development Loan दिया जाता है।
पहली किस्त
- ₹1 लाख तक
- अवधि 18 महीने
- बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उपलब्ध
दूसरी किस्त
- ₹2 लाख तक
- अवधि 30 महीने
दूसरी किस्त तभी मिलती है जब—
- पहली किस्त का ऋण खाता नियमित हो।
- लाभार्थी डिजिटल लेनदेन को अपनाए।
- या एडवांस ट्रेनिंग पूरी करे।
इस ऋण पर किसी प्रकार की गारंटी (Collateral) नहीं देनी होती।
लाभार्थी को केवल 5% ब्याज देना होता है। शेष ब्याज पर सरकार 8% तक ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है। ऋण की गारंटी शुल्क भी सरकार वहन करती है।
5. डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन
डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए—
- प्रत्येक पात्र डिजिटल भुगतान (भुगतान या प्राप्ति) पर ₹1 प्रोत्साहन मिलता है।
- अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह तक लाभ दिया जाता है।
- राशि DBT के माध्यम से खाते में भेजी जाती है।
6. मार्केटिंग सहायता
कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने में भी सहायता मिलती है।
इसमें शामिल हैं—
- गुणवत्ता प्रमाणन
- ब्रांडिंग
- विज्ञापन एवं प्रचार
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना
- ट्रेड फेयर में भागीदारी
- बाजार तक पहुंच बढ़ाना
PM विश्वकर्मा योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसाय
योजना का लाभ निम्नलिखित 18 व्यवसायों से जुड़े कारीगर उठा सकते हैं—
- बढ़ई (Carpenter)
- नाव निर्माता (Boat Maker)
- हथियार निर्माता (Armourer)
- लोहार (Blacksmith)
- हथौड़ा एवं टूल किट निर्माता
- ताला बनाने वाला (Locksmith)
- सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- मूर्तिकार / पत्थर तराशने वाला / स्टोन ब्रेकर
- मोची / जूता निर्माता
- राजमिस्त्री (Mason)
- टोकरी, चटाई, झाड़ू निर्माता या कॉयर बुनकर
- पारंपरिक गुड़िया एवं खिलौना निर्माता
- नाई (Barber)
- माला बनाने वाला
- धोबी
- दर्जी
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है—
अनिवार्य दस्तावेज
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी
- पासबुक या कैंसिल चेक
- राशन कार्ड
- यदि राशन कार्ड नहीं है तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड
अतिरिक्त दस्तावेज
- PAN कार्ड (विशेषकर ऋण प्रक्रिया में उपयोगी)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय से जुड़े होने का स्वघोषणा पत्र
- कार्य एवं औजारों का फोटो प्रमाण
- SC/ST/OBC प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
यदि बैंक खाता नहीं है तो CSC केंद्र पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
PM विश्वकर्मा योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना में सीधे व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन सामान्य प्रक्रिया नहीं है।
आवेदन मुख्य रूप से कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जाता है।
आवेदन प्रक्रिया
स्टेप 1: पहले अपनी पात्रता और आवश्यक दस्तावेज तैयार करें।
स्टेप 2: नजदीकी CSC केंद्र जाएं।
स्टेप 3: आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक या OTP) पूरा करें।
स्टेप 4: CSC संचालक आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन फॉर्म भरेंगे।
इसमें दर्ज होंगे—
- व्यक्तिगत जानकारी
- परिवार का विवरण
- व्यवसाय
- बैंक विवरण
- फोटो
- कार्य एवं उपकरणों का प्रमाण
स्टेप 5: आवेदन जमा होने के बाद एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
SMS के माध्यम से भी पुष्टि भेजी जाती है।
आवेदन का सत्यापन कैसे होता है?
आवेदन तीन चरणों में सत्यापित किया जाता है—
- ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय (ULB)
- जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति (DLIC)
- राज्य स्तरीय निगरानी समिति (SLMC)
अंतिम स्वीकृति के बाद लाभार्थी पोर्टल से—
- PM विश्वकर्मा प्रमाणपत्र
- PM विश्वकर्मा आईडी कार्ड
डाउनलोड कर सकते हैं।
इसके बाद बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने पर टूलकिट सहायता मिलती है और पहला लोन लेने की पात्रता बन जाती है।
सत्यापन और प्रमाणपत्र जारी होने में स्थान और आवेदन की संख्या के अनुसार कुछ सप्ताह से लेकर कुछ महीने तक का समय लग सकता है।
पश्चिम बंगाल में योजना पर 23 जुलाई 2026 का नवीनतम अपडेट
23 जुलाई 2026 को लोकसभा में MSME राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित उत्तर में बताया कि पश्चिम बंगाल में PM विश्वकर्मा योजना का कार्यान्वयन राज्य सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा 14 मई 2026 को राज्य स्तरीय निगरानी समिति और जिला कार्यान्वयन समितियों के गठन की अधिसूचना जारी करने के बाद योजना का औपचारिक क्रियान्वयन शुरू हुआ।
इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 18 अधिसूचित पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर, जिनमें महिला कारीगर भी शामिल हैं, निम्न सुविधाओं के पात्र हैं—
- कौशल प्रशिक्षण
- टूलकिट सहायता
- बिना गारंटी ऋण
- डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन
- मार्केटिंग सहायता
इसी लिखित उत्तर में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में योजना की शुरुआत से 26 जून 2026 तक 5.82 करोड़ ऋण, जिनकी कुल राशि ₹3.55 लाख करोड़ है, वितरित किए जा चुके हैं।
यह अपडेट मई 2026 में हुई समन्वय बैठकों के बाद राज्य स्तर पर संस्थागत व्यवस्था के औपचारिक सक्रिय होने का संकेत देता है।
PM विश्वकर्मा योजना FAQs
PM विश्वकर्मा योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
केवल 18 अधिसूचित पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े पात्र कारीगर और शिल्पकार आवेदन कर सकते हैं। एक परिवार से केवल एक सदस्य पात्र होता है।
क्या लोन के लिए गारंटी देनी होगी?
नहीं। योजना के तहत दिया जाने वाला ऋण पूरी तरह बिना गारंटी (Collateral-Free) है।
टूलकिट कब मिलती है?
कौशल सत्यापन के बाद, सामान्यतः बेसिक प्रशिक्षण की शुरुआत में ₹15,000 तक का ई-वाउचर/e-RUPI दिया जाता है। प्रशिक्षण के बिना यह लाभ नहीं मिलता।
दूसरी लोन किस्त कब मिलती है?
पहली किस्त का ऋण नियमित रखने और डिजिटल लेनदेन अपनाने या एडवांस प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दूसरी किस्त के लिए पात्रता बनती है।
क्या सरकारी कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
यदि पहले मुद्रा या PMEGP लोन लिया है तो क्या आवेदन कर सकते हैं?
यदि पिछले 5 वर्षों में समान उद्देश्य के लिए इन योजनाओं का लाभ लिया है, तो सामान्यतः पात्रता नहीं होती। हालांकि, पूरी तरह चुकाए गए कुछ ऋणों के मामलों में वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता संभव हो सकती है।
सहायता के लिए कहां संपर्क करें?
आवेदक अपने नजदीकी CSC केंद्र, MSME-DFO, जिला उद्योग केंद्र (DIC), आधिकारिक हेल्पलाइन या ईमेल के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण संपर्क
- आधिकारिक पोर्टल: pmvishwakarma.gov.in
- हेल्पलाइन: 1800-267-7777 (या पोर्टल पर उपलब्ध अन्य आधिकारिक नंबर)
- ईमेल: pm-vishwakarma@dcmsme.gov.in
निष्कर्ष
PM विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक व्यापक सरकारी पहल है। इसमें पहचान पत्र, कौशल प्रशिक्षण, ₹500 प्रतिदिन प्रशिक्षण भत्ता, ₹15,000 की टूलकिट सहायता, 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी ऋण, डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता जैसे कई लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराए जाते हैं। यदि आप 18 अधिसूचित व्यवसायों में से किसी एक से जुड़े हैं और पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं, तो अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देती है, बल्कि कारीगरों को आधुनिक बाजार और बेहतर आजीविका से भी जोड़ती है।
Leave a Comment