Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) 2026: पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया, लोन और पूरी जानकारी

By ARUN SHARMA

Published on July 27, 2026

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Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) 2026 क्या है? जानें पात्रता, लाभ, वित्तीय सहायता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, Community Enterprise Fund (CEF), DAY-NRLM, Mudra Loan और FAQs सहित पूरी जानकारी।

Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) 2026

ग्रामीण भारत में रोजगार और स्वरोजगार बढ़ाने के लिए भारत सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) है। यह योजना गांवों में रहने वाले लोगों को गैर-कृषि (Non-Farm) व्यवसाय शुरू करने और उसे सफल बनाने में मदद करती है।

SVEP केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। यह प्रशिक्षण, बिजनेस प्लानिंग, मेंटरिंग, बैंक लिंकेज और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है। इसी वजह से यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों को मजबूत बनाने का सफल मॉडल बन चुकी है।

30 जून 2026 तक इस योजना के तहत 4.32 लाख से अधिक ग्रामीण उद्यमों को सहायता दी जा चुकी है। इनमें लगभग 86% उद्यमी SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों से हैं।


SVEP Scheme 2026 क्या है?

Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) की शुरुआत 2016 में की गई थी। यह Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) की उप-योजना है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों और उनके परिवारों को छोटे गैर-कृषि व्यवसाय शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करना है।

यह योजना गांवों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए Community Enterprise Fund (CEF), प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बिजनेस डेवलपमेंट सर्विस, डिजिटल टूल्स और सामुदायिक संस्थानों के सहयोग से काम करती है।


SVEP 2026 का उद्देश्य

योजना का लक्ष्य केवल व्यवसाय शुरू कराना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है।

मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं।

  • ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
  • गैर-कृषि व्यवसायों को बढ़ावा देना।
  • गांवों में स्थानीय रोजगार पैदा करना।
  • महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
  • SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी बढ़ाना।
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ना।
  • सामुदायिक संस्थानों के माध्यम से पारदर्शी फंडिंग और निगरानी सुनिश्चित करना।
  • गांवों में स्थायी उद्यम स्थापित करना।

SVEP 2026 की प्रमुख विशेषताएं

  • शुरुआत वर्ष 2016 में हुई।
  • DAY-NRLM की उप-योजना।
  • केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए।
  • गैर-कृषि माइक्रो एंटरप्राइज को बढ़ावा।
  • Community Enterprise Fund (CEF) के माध्यम से सहायता।
  • बिजनेस मैनेजमेंट और स्किल ट्रेनिंग।
  • बैंक लिंकेज और मुद्रा लोन की सुविधा।
  • डिजिटल बिजनेस प्लानिंग और लोन ट्रैकिंग।
  • सामुदायिक स्तर पर उद्यमियों का चयन।
  • नियमित मॉनिटरिंग के लिए केंद्रीकृत MIS सिस्टम।

30 जून 2026 तक SVEP की उपलब्धियां

योजना ने पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत आधार दिया है।

  • 4.32 लाख से अधिक ग्रामीण उद्यमों को सहायता।
  • 10.29 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवार DAY-NRLM के तहत SHG से जुड़े।
  • लगभग 86% लाभार्थी SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों से।
  • केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2026 तक ₹942.09 करोड़ की संचयी राशि जारी।
  • 2016 से जनवरी 2018 तक जारी ₹112.39 करोड़ की तुलना में लगभग 738% वृद्धि
  • प्रति ब्लॉक ₹6.50 करोड़ का प्रावधान।
  • प्रति उद्यम औसत निवेश लगभग ₹27,083

किन राज्यों में सबसे अधिक लाभ मिला?

फरवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक उद्यम निम्न राज्यों में स्थापित हुए हैं।

राज्यसमर्थित उद्यम (लगभग)
बिहार35,899
झारखंड34,481
पश्चिम बंगाल33,723
मध्य प्रदेश30,177
असम24,082

इनके अलावा देश के अन्य राज्यों में भी योजना तेजी से लागू की जा रही है।


SVEP 2026 के लिए पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए निम्न पात्रता आवश्यक है।

  • ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
  • DAY-NRLM के अंतर्गत गठित SHG का सदस्य या उसके परिवार का सदस्य।
  • ग्रामीण गरीब परिवार।
  • उद्यम शुरू करने की इच्छा और क्षमता।
  • सामुदायिक संस्थान द्वारा चयन।
  • कम से कम 60% लाभार्थी महिलाएं
  • SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और दिव्यांग व्यक्तियों को प्राथमिकता।

Community Resource Person – Enterprise Promotion (CRP-EP) क्या है?

SVEP की सबसे बड़ी ताकत इसका Community Resource Person – Enterprise Promotion (CRP-EP) मॉडल है।

CRP-EP स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित व्यक्ति होते हैं, जो नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने से लेकर सफल बनाने तक हर चरण में मदद करते हैं।

CRP-EP की प्रमुख विशेषताएं

  • SRLM द्वारा चयन, प्रशिक्षण और प्रमाणन।
  • स्थानीय निवासी को प्राथमिकता।
  • व्यवसाय और गणित की बुनियादी जानकारी।
  • कम से कम 90% CRP-EP SHG परिवारों से
  • 60% या अधिक महिलाएं
  • प्रत्येक CRP-EP लगभग 50 उद्यमों को सहायता प्रदान करता है।

Block Resource Centre – Enterprise Promotion (BRC-EP) की भूमिका

प्रत्येक ब्लॉक में Block Resource Centre – Enterprise Promotion (BRC-EP) बनाया जाता है।

यह केंद्र निम्न कार्य करता है।

  • उद्यमियों की पहचान।
  • प्रशिक्षण का आयोजन।
  • बिजनेस प्लान तैयार कराना।
  • बैंक लोन में सहायता।
  • बाजार से जोड़ना।
  • उद्यम की प्रगति की निगरानी।

Community Enterprise Fund (CEF) क्या है?

Community Enterprise Fund (CEF) SVEP का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसके माध्यम से पात्र उद्यमियों को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई जाती है।

उद्यम की आवश्यकता, व्यवहार्यता और सामुदायिक स्वीकृति के आधार पर लोन दिया जाता है।

इसके बाद बैंक और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी मिल सकती है।


SVEP के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?

योजना में निश्चित लोन राशि तय नहीं है।

यह उद्यम की आवश्यकता पर निर्भर करती है।

मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं।

  • प्रति ब्लॉक ₹6.50 करोड़।
  • प्रति उद्यम औसत निवेश लगभग ₹27,083।
  • Community Enterprise Fund (CEF) के माध्यम से सहायता।
  • बैंक लोन और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
  • उदाहरण के तौर पर कई उद्यमियों को ₹45,000 तक का CEF लोन मिला है।

SVEP 2026 के लाभ

योजना के तहत लाभार्थियों को केवल पैसा ही नहीं बल्कि व्यवसाय को सफल बनाने के लिए संपूर्ण सहयोग मिलता है।

मुख्य लाभ हैं।

  • व्यवसाय प्रबंधन प्रशिक्षण।
  • सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट।
  • बिजनेस डेवलपमेंट सर्विस।
  • अनुभवी मेंटर द्वारा मार्गदर्शन।
  • बैंक लिंकेज।
  • बाजार तक पहुंच।
  • डिजिटल बिजनेस प्लानिंग।
  • क्रेडिट सुविधा।
  • आय और बचत में वृद्धि।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार।
  • ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर।

SVEP का प्रभाव: QCI मूल्यांकन क्या कहता है?

ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए Quality Council of India (QCI) द्वारा किए गए मध्यावधि मूल्यांकन में योजना के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए।

  • 99% उद्यम लाभदायक पाए गए।
  • कुल घरेलू आय में 57% योगदान व्यवसाय से मिला।
  • औसत मासिक राजस्व लगभग ₹39,000
  • विनिर्माण (Manufacturing) इकाइयों का औसत मासिक राजस्व लगभग ₹47,800
  • 96% उद्यमियों की बचत बढ़ी।
  • 75% उद्यम महिलाओं द्वारा संचालित पाए गए।

सर्वे में यह भी सामने आया कि योजना से लाभार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा, सामाजिक सम्मान मिला और परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता पर सकारात्मक असर पड़ा।


सफलता की कहानी: भाग्यश्री लोंढे

महाराष्ट्र के जहानपुर की भाग्यश्री लोंढे ने 2014 में SHG से जुड़कर मसाले, पापड़ और अचार बनाने का छोटा व्यवसाय शुरू किया।

SVEP के तहत उन्हें ₹45,000 का Community Enterprise Fund लोन मिला।

उन्होंने स्थानीय कच्चे माल से उत्पादन बढ़ाया।

बाद में Mahalaxmi Saras 2019-20 मेले में केवल 10 दिनों में ₹5 लाख का कारोबार किया।

उन्होंने ओपन यूनिवर्सिटी से 10वीं भी पूरी की और NRLM तथा कृषि विज्ञान केंद्र से अतिरिक्त प्रशिक्षण प्राप्त किया।

आज उनका व्यवसाय कई ग्रामीण महिलाओं को रोजगार दे रहा है।


सफलता की कहानी: पूनम

उत्तर प्रदेश की पूनम ने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए SVEP के तहत 54 दिन का CRP-EP प्रशिक्षण पूरा किया।

आज वह लगभग 40 उद्यमों को बिजनेस प्लान, बैंक लोन, बाजार से जुड़ाव और मेंटरिंग में सहायता देती हैं।

SVEP की बदौलत वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं और कई अन्य ग्रामीण परिवारों को भी सफल उद्यमी बनने में मदद कर रही हैं।


SVEP 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन प्रक्रिया सामुदायिक स्तर पर होती है।

आवेदन के चरण

स्टेप 1: अपने गांव के SHG या Village Organization (VO) से संपर्क करें।

स्टेप 2: सामुदायिक संस्थान आपकी पात्रता और व्यवसाय की संभावना का मूल्यांकन करेंगे।

स्टेप 3: प्रशिक्षण और बिजनेस प्लान तैयार किया जाएगा।

स्टेप 4: Community Enterprise Fund (CEF) या बैंक लोन के लिए आवेदन किया जाएगा।

स्टेप 5: BRC-EP और CRP-EP पूरे व्यवसाय में मार्गदर्शन देंगे।

योजना का संचालन संबंधित State Rural Livelihood Mission (SRLM) द्वारा किया जाता है।

Important Links

DescriptionLink
Official SVEP PortalVisit SVEP Official Portal
SVEP LoginSVEP Login Portal

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के समय सामान्यतः निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

  • आधार कार्ड
  • पहचान प्रमाण
  • निवास प्रमाण पत्र
  • SHG सदस्यता प्रमाण
  • परिवार का विवरण
  • बैंक पासबुक
  • बिजनेस प्लान
  • पात्रता संबंधी दस्तावेज
  • पासपोर्ट साइज फोटो

CRP-EP बनने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण और योग्यता संबंधी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।


DAY-NRLM और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से संबंध

SVEP, DAY-NRLM की उप-योजना है।

DAY-NRLM ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करता है, जबकि SVEP उन्हीं परिवारों को व्यवसाय शुरू करने में सहायता देता है।

यह योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के साथ भी जुड़ी हुई है। इसके माध्यम से पात्र उद्यमी शिशु, किशोर और तरुण श्रेणी के मुद्रा लोन का लाभ ले सकते हैं।


SVEP की निगरानी कैसे होती है?

योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर निगरानी की जाती है।

  • तिमाही समीक्षा।
  • राज्य और केंद्र स्तर पर मूल्यांकन।
  • केंद्रीकृत MIS सिस्टम।
  • Community Enterprise Fund की निगरानी।
  • डिजिटल बिजनेस ट्रैकिंग।
  • उद्यम प्रदर्शन का नियमित आकलन।

SVEP 2026 क्यों है खास?

SVEP ने यह साबित किया है कि गांवों में भी उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। यदि सही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण युवा और महिलाएं सफल व्यवसाय खड़े कर सकते हैं।

यह योजना केवल गरीबी कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय रोजगार, महिला सशक्तिकरण और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत जब वैश्विक स्टार्टअप हब बनने की ओर बढ़ रहा है, तब SVEP गांवों में समानांतर रूरल स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


FAQs

Q1. Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) कब शुरू हुई थी?

उत्तर: यह योजना वर्ष 2016 में DAY-NRLM की उप-योजना के रूप में शुरू की गई थी।

Q2. 2026 तक कितने उद्यमों को सहायता मिली है?

उत्तर: 30 जून 2026 तक देशभर में 4.32 लाख से अधिक ग्रामीण उद्यमों को सहायता दी जा चुकी है।

Q3. क्या महिलाएं इस योजना में प्राथमिकता प्राप्त करती हैं?

उत्तर: हां। योजना के तहत कम से कम 60% लाभार्थी महिलाएं होना अनिवार्य है और QCI रिपोर्ट के अनुसार लगभग 75% उद्यम महिलाओं द्वारा संचालित हैं।

Q4. CRP-EP कौन होता है?

उत्तर: Community Resource Person – Enterprise Promotion (CRP-EP) स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित व्यक्ति होता है, जो उद्यमियों को प्रशिक्षण, मेंटरिंग, बिजनेस प्लान, बैंक लोन और बाजार तक पहुंच में सहायता देता है।

Q5. SVEP के तहत कितना लोन मिलता है?

उत्तर: लोन की राशि व्यवसाय की आवश्यकता और सामुदायिक स्वीकृति पर निर्भर करती है। Community Enterprise Fund (CEF) और बैंक लोन दोनों का लाभ मिल सकता है।

Q6. क्या शहरी क्षेत्र के लोग आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: नहीं। यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों के लिए है।

Q7. आवेदन कहां करना होगा?

उत्तर: आवेदन अपने क्षेत्र के SHG, Village Organization (VO), BRC-EP या State Rural Livelihood Mission (SRLM) के माध्यम से किया जाता है।


निष्कर्ष

Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) 2026 ग्रामीण भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली एक प्रभावी सरकारी पहल है। यह योजना प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, सामुदायिक सहयोग, बैंक लिंकेज और निरंतर मेंटरिंग के माध्यम से लाखों ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बना रही है। विशेष रूप से महिलाओं, SC/ST, OBC, अल्पसंख्यक समुदायों और पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए यह योजना रोजगार, आय वृद्धि और बेहतर जीवन स्तर का मजबूत माध्यम बन चुकी है। यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो SVEP आपके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

ARUN SHARMA

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