देश के कई लोग आज भी गरीबी, सामाजिक भेदभाव और आर्थिक मजबूरियों के कारण मुख्यधारा से दूर जीवन जीने के लिए विवश हैं। इनमें ट्रांसजेंडर समुदाय और भिक्षावृत्ति में लगे लोग सबसे अधिक प्रभावित वर्गों में शामिल हैं। इन्हीं लोगों को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार ने SMILE Scheme (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) शुरू की।
यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) द्वारा 12 फरवरी 2022 को शुरू की गई थी। यह एक Central Sector Scheme है, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती है। योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लाभार्थियों का समग्र पुनर्वास (Comprehensive Rehabilitation) करना है ताकि वे सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में जीवन जी सकें।
वर्ष 2025 में सरकार ने योजना के संशोधित दिशा-निर्देश (Revised Guidelines) जारी किए। इसके बाद 2026 में योजना का दायरा और बढ़ाया गया। जुलाई 2026 तक SMILE Beggary Scheme का विस्तार 216 शहरों तक हो चुका है और सरकार ने इसे वर्ष 2030-31 तक 295 शहरों में लागू करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही 35,000 व्यक्तियों के पुनर्वास का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 10,200 से अधिक लोगों का सफल पुनर्वास पहले ही किया जा चुका है।
यदि आप जानना चाहते हैं कि SMILE Scheme 2026 क्या है, इसका उद्देश्य क्या है, किन लोगों को इसका लाभ मिलेगा और सरकार की नई अपडेट क्या कहती है, तो यह लेख आपके लिए पूरी जानकारी लेकर आया है।
SMILE Scheme 2026 क्या है?
SMILE Scheme भारत सरकार की एक व्यापक सामाजिक कल्याण योजना है, जिसका पूरा नाम Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise है। हिंदी में इसे “आजीविका एवं उद्यमिता के माध्यम से वंचित व्यक्तियों के सशक्तिकरण हेतु सहायता योजना” कहा जाता है।
यह योजना समाज के उन वर्गों के लिए बनाई गई है जो लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित रहे हैं। सरकार का उद्देश्य इन लोगों को केवल वित्तीय सहायता देना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
यह योजना पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित (100% Centrally Funded) है और इसे राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, नगर निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) तथा Community Based Organisations (CBOs) के सहयोग से लागू किया जाता है।
SMILE का पूरा नाम
English Name
Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise
हिंदी नाम
आजीविका एवं उद्यमिता के माध्यम से वंचित व्यक्तियों के सशक्तिकरण हेतु सहायता योजना
इस नाम से ही स्पष्ट होता है कि योजना का उद्देश्य समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।
SMILE Scheme का उद्देश्य
SMILE Scheme का उद्देश्य केवल सहायता राशि देना नहीं है, बल्कि लाभार्थियों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना है। इसके तहत उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- ट्रांसजेंडर समुदाय और भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों का समग्र पुनर्वास करना।
- लोगों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना।
- कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
- सामाजिक भेदभाव और बहिष्कार को कम करना।
- सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों को जोड़ना।
- “भिक्षावृत्ति मुक्त भारत” के लक्ष्य को आगे बढ़ाना।
SMILE Scheme किन लोगों के लिए है?
SMILE Scheme दो प्रमुख उप-योजनाओं (Sub-Schemes) के माध्यम से संचालित की जाती है। दोनों योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों वाले समुदायों का समग्र विकास करना है।
1. Comprehensive Rehabilitation for Welfare of Transgender Persons
यह उप-योजना ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास पर केंद्रित है।
इसके अंतर्गत लाभार्थियों को निम्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं—
- शिक्षा एवं छात्रवृत्ति
- स्वास्थ्य सेवाएं
- कौशल विकास प्रशिक्षण
- रोजगार सहायता
- स्वरोजगार के अवसर
- आवास सहायता
- कानूनी सहायता
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना
- उद्यमिता विकास
इसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को समान अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
2. Comprehensive Rehabilitation of Persons Engaged in the Act of Begging (SMILE-Beggary)
यह योजना उन लोगों के लिए बनाई गई है जो किसी कारणवश भिक्षावृत्ति में लगे हुए हैं।
इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को केवल आश्रय नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें नई शुरुआत का अवसर दिया जाता है।
इसके अंतर्गत शामिल प्रमुख सेवाएं हैं—
- सर्वे और पहचान
- रेस्क्यू एवं मोबिलाइजेशन
- अस्थायी आश्रय गृह
- स्वास्थ्य जांच
- परामर्श (Counseling)
- कौशल विकास प्रशिक्षण
- शिक्षा
- रोजगार एवं स्वरोजगार सहायता
- परिवार और समाज में पुनर्स्थापन (Reintegration)
सरकार का उद्देश्य इन लोगों को स्थायी रूप से भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
SMILE Beggary Scheme क्या है?
SMILE Beggary Scheme वास्तव में SMILE Umbrella Scheme का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे विशेष रूप से Persons Engaged in the Act of Begging यानी भिक्षावृत्ति में लगे लोगों के पुनर्वास के लिए तैयार किया गया है।
यह योजना केवल राहत देने तक सीमित नहीं है। इसके तहत लाभार्थियों को पहचानने से लेकर उनके पुनर्वास और रोजगार तक पूरी प्रक्रिया पर काम किया जाता है।
सरकार का मानना है कि अधिकांश लोग मजबूरी, गरीबी, पारिवारिक समस्याओं, नशे की लत, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों या सामाजिक परिस्थितियों के कारण भिक्षावृत्ति की ओर जाते हैं। इसलिए योजना में केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कौशल विकास और रोजगार जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।
इस योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य “भिक्षावृत्ति मुक्त भारत (Bhiksha Vritti Mukt Bharat)” बनाना है।
जुलाई 2026 की नई अपडेट
जुलाई 2026 में सरकार ने SMILE Beggary Scheme को लेकर कई महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए हैं, जिनसे योजना के दायरे और प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रमुख अपडेट
- योजना का विस्तार अब 216 शहरों तक हो चुका है।
- अगले चरण में इसे 295 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।
- वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 35,000 व्यक्तियों के पुनर्वास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- अब तक 10,200 से अधिक लोगों का सफल पुनर्वास किया जा चुका है।
- योजना का विशेष फोकस अब निम्न क्षेत्रों पर रहेगा—
- महानगर
- धार्मिक शहर
- पर्यटन स्थल
- ऐतिहासिक शहर
इन क्षेत्रों में भिक्षावृत्ति की समस्या अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण सरकार यहां पुनर्वास कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रही है।
फरवरी 2026 से जुलाई 2026 तक क्या बदला?
साल 2026 के शुरुआती महीनों से लेकर जुलाई तक योजना में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई।
| अवधि | उपलब्धि |
|---|---|
| 31 जनवरी 2026 तक | 181 शहरों में योजना लागू |
| पहचाने गए व्यक्ति | 30,257 |
| सफल पुनर्वास | 8,129 |
| जुलाई 2026 | 216 शहरों तक विस्तार |
| वर्तमान पुनर्वास | 10,200+ व्यक्ति |
| भविष्य का लक्ष्य | 295 शहर |
| कुल पुनर्वास लक्ष्य | 35,000 व्यक्ति |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुछ ही महीनों में योजना के कवरेज और पुनर्वास की गति दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग और स्थानीय एजेंसियों के बेहतर समन्वय से योजना के कार्यान्वयन में भी सुधार हुआ है।
SMILE Scheme कैसे काम करती है?
SMILE Scheme लाभार्थियों के पुनर्वास के लिए चरणबद्ध (Step-by-Step) मॉडल अपनाती है। इसका उद्देश्य केवल अस्थायी सहायता देना नहीं बल्कि व्यक्ति को स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
चरण 1: सर्वे और पहचान
स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और स्वयंसेवी संस्थाएं शहरों में सर्वे करती हैं और पात्र लोगों की पहचान करती हैं।
चरण 2: रेस्क्यू और मोबिलाइजेशन
पहचाने गए व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर लाया जाता है और उन्हें योजना के बारे में जानकारी देकर पुनर्वास कार्यक्रम से जोड़ा जाता है।
चरण 3: आश्रय गृह
लाभार्थियों को शेल्टर होम में रहने, भोजन, कपड़े, बिस्तर, चिकित्सा जांच और आवश्यक सुरक्षा की सुविधा दी जाती है।
चरण 4: स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग
मेडिकल जांच, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, नशा मुक्ति परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
चरण 5: कौशल विकास
लाभार्थियों को स्थानीय रोजगार की मांग के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे भविष्य में रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त कर सकें।
चरण 6: रोजगार और आजीविका
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को नौकरी, बैंक लिंकेज, स्वयं सहायता समूह (SHG) और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है।
चरण 7: पुनर्स्थापन और फॉलो-अप
अंतिम चरण में लाभार्थियों को परिवार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार फॉलो-अप किया जाता है ताकि वे दोबारा भिक्षावृत्ति की ओर न लौटें।
SMILE Scheme 2026 की प्रमुख विशेषताएं
SMILE Scheme को अन्य सामाजिक योजनाओं से अलग बनाने वाली इसकी समग्र पुनर्वास आधारित कार्यप्रणाली है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—
- यह एक 100% केंद्र प्रायोजित Central Sector Scheme है।
- पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है।
- यह ट्रांसजेंडर समुदाय और भिक्षावृत्ति में लगे लोगों को दोनों को शामिल करती है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार पर समान रूप से जोर देती है।
- लाभार्थियों को केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास भी प्रदान करती है।
- राज्य सरकारों, नगर निकायों, NGOs और CBOs की साझेदारी में संचालित होती है।
- डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए SMILE-Beggary National Portal का उपयोग किया जा रहा है।
- 2025 के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
- “भिक्षावृत्ति मुक्त भारत” और सामाजिक समावेशन के लक्ष्य को आगे बढ़ाती है।
SMILE Scheme 2026 के प्रमुख लाभ
SMILE Scheme का सबसे बड़ा उद्देश्य लाभार्थियों को केवल अस्थायी सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन के लिए तैयार करना है। योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
नीचे योजना के दोनों उप-भागों के प्रमुख लाभ विस्तार से दिए गए हैं।
SMILE Beggary Scheme के लाभ
SMILE Beggary Scheme के अंतर्गत भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों को पहचानने से लेकर उनके पुनर्वास और रोजगार तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है।
1. सर्वे, पहचान और रेस्क्यू
योजना की शुरुआत स्थानीय स्तर पर सर्वे से होती है। नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाएं (NGOs) और कम्युनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन (CBOs) मिलकर ऐसे लोगों की पहचान करते हैं जो भिक्षावृत्ति में लगे हुए हैं।
इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से पुनर्वास कार्यक्रम से जोड़ा जाता है।
2. आश्रय गृह (Shelter Homes)
पुनर्वास के दौरान लाभार्थियों को अस्थायी शेल्टर होम में रखा जाता है।
यहां उन्हें निम्नलिखित सुविधाएं मिलती हैं—
- सुरक्षित रहने की व्यवस्था
- पौष्टिक भोजन
- कपड़े
- बिस्तर
- स्वच्छ वातावरण
- चिकित्सा जांच
- मनोवैज्ञानिक परामर्श
- सुरक्षा
आमतौर पर शेल्टर होम में रहने की अवधि 6 महीने तक होती है। आवश्यकता होने पर इसे 9 महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
3. स्वास्थ्य सेवाएं
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
मुख्य सुविधाएं—
- नियमित हेल्थ चेकअप
- प्राथमिक चिकित्सा
- मानसिक स्वास्थ्य सहायता
- योग एवं वेलनेस गतिविधियां
- नशा मुक्ति परामर्श
- आवश्यकता पड़ने पर Integrated Rehabilitation Centre for Addicts (IRCA) में रेफर
4. कौशल विकास (Skill Development)
पुनर्वास के बाद स्थायी रोजगार सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों को स्थानीय बाजार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्र—
- सिलाई
- बढ़ईगीरी
- प्लंबिंग
- खाना बनाना
- बागवानी
- सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षण
- ई-रिक्शा संचालन
- इलेक्ट्रिकल कार्य
- अन्य स्थानीय ट्रेड
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य रोजगार या स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
5. शिक्षा
योजना के तहत भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों और उनके बच्चों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
इसके अंतर्गत—
- सरकारी स्कूलों में प्रवेश
- समग्र शिक्षा अभियान से जोड़ना
- पढ़ाई जारी रखने के लिए सहायता
- आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग
6. आर्थिक सशक्तिकरण
SMILE Beggary Scheme केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है।
लाभार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए—
- स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़ना
- बैंक खाते खुलवाना
- बैंक लिंकेज
- ऋण सुविधा तक पहुंच
- सरकारी योजनाओं से जोड़ना
- रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता
- स्वरोजगार के अवसर
7. पुनर्एकीकरण (Reintegration)
जब लाभार्थी आत्मनिर्भर बनने लगते हैं, तब उन्हें परिवार और समाज से दोबारा जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
इसके लिए—
- नियमित फॉलो-अप
- सामाजिक परामर्श
- परिवार से संपर्क
- सामुदायिक सहयोग
ताकि व्यक्ति दोबारा भिक्षावृत्ति की ओर न लौटे।
ट्रांसजेंडर उप-योजना के अतिरिक्त लाभ
SMILE Scheme का दूसरा महत्वपूर्ण भाग ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए है।
इस योजना के अंतर्गत कई विशेष लाभ दिए जाते हैं।
छात्रवृत्ति
कक्षा 9 और उससे ऊपर की पढ़ाई करने वाले पात्र ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
औसतन ₹13,500 प्रति छात्र तक सहायता उपलब्ध कराई जाती है (संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार)।
कौशल विकास एवं उद्यमिता
ट्रांसजेंडर समुदाय को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है।
इनमें शामिल हैं—
- PM-DAKSH से जुड़े प्रशिक्षण
- उद्यमिता विकास
- रोजगार आधारित स्किल ट्रेनिंग
- डिजिटल कौशल
स्वास्थ्य बीमा
योजना के तहत Ayushman Bharat TG Plus के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है।
इसमें कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं—
- Gender Reaffirmation Surgery
- Hormone Therapy
- सामान्य चिकित्सा सेवाएं
गरिमा गृह (Garima Greh)
ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए Garima Greh नामक आश्रय गृह संचालित किए जाते हैं।
यहां उपलब्ध सुविधाएं—
- सुरक्षित आवास
- भोजन
- स्वास्थ्य सेवाएं
- परामर्श
- कौशल विकास
- रोजगार सहायता
ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र
सरकार ने राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी करने की ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
SMILE Scheme 2026 पात्रता (Eligibility)
भिक्षावृत्ति पुनर्वास योजना
निम्न व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं—
- भारत का नागरिक हो।
- भिक्षावृत्ति के कार्य में संलग्न हो।
- स्थानीय प्रशासन या अधिकृत एजेंसी द्वारा चिन्हित किया गया हो।
- पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा रखता हो।
विशेष रूप से—
- नगर निगम क्षेत्र
- धार्मिक स्थल
- पर्यटन स्थल
- बड़े शहर
इन क्षेत्रों पर सरकार का विशेष फोकस है।
इस योजना में कोई कठोर आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। पात्रता का मुख्य आधार भिक्षावृत्ति में संलग्न होना है।
ट्रांसजेंडर उप-योजना
पात्रता में सामान्यतः—
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- वैध ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र होना चाहिए।
- संबंधित योजना की शर्तों को पूरा करना होगा।
कुछ लाभों के लिए अतिरिक्त पात्रता लागू हो सकती है।
आवश्यक दस्तावेज
योजना के विभिन्न घटकों के अनुसार दस्तावेज अलग-अलग हो सकते हैं।
सामान्यतः निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं—
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट आकार फोटो
- ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र (जहां लागू)
- अन्य आवश्यक दस्तावेज
यदि लाभार्थी के पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान उन्हें बनवाने में भी सहायता दी जाती है।
आवेदन प्रक्रिया (Registration Process)
SMILE Scheme के विभिन्न घटकों के लिए आवेदन की प्रक्रिया अलग हो सकती है।
सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है—
चरण 1
पात्रता की जांच करें।
चरण 2
आवश्यक दस्तावेज तैयार करें।
चरण 3
संबंधित विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम या अधिकृत NGO से संपर्क करें।
चरण 4
यदि ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हो तो संबंधित पोर्टल पर आवेदन करें।
चरण 5
दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
चरण 6
पात्र पाए जाने पर योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।
योजना कौन लागू करता है?
SMILE Scheme को कई संस्थाओं के सहयोग से लागू किया जाता है।
मुख्य मंत्रालय
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सहयोगी संस्थाएं—
- राज्य सरकारें
- केंद्र शासित प्रदेश
- जिला प्रशासन
- नगर निगम
- Urban Local Bodies
- NGOs
- Community Based Organisations (CBOs)
- अन्य अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियां
वित्तीय प्रावधान (Budget)
SMILE Scheme के लिए प्रारंभिक स्वीकृत बजट 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए लगभग ₹365 करोड़ रखा गया था।
इसमें—
- लगभग ₹265 करोड़ ट्रांसजेंडर कल्याण कार्यक्रमों के लिए।
- लगभग ₹100 करोड़ भिक्षावृत्ति पुनर्वास कार्यक्रम के लिए।
सरकार ने 2026-31 की अवधि के लिए नई Standing Finance Committee (SFC) की मंजूरी के साथ योजना के विस्तार और बढ़े हुए लक्ष्यों को भी स्वीकृति दी है।
2025–26 के संशोधित दिशा-निर्देश
2025 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने SMILE Scheme की Second Revised Guidelines जारी कीं।
इनका उद्देश्य था—
- योजना के कार्यान्वयन को मजबूत बनाना।
- पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना।
- राज्यों और स्थानीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना।
- डिजिटल मॉनिटरिंग को बढ़ावा देना।
- लाभार्थियों की ट्रैकिंग और फॉलो-अप को अधिक प्रभावी बनाना।
2026–31 की नई सरकारी रणनीति
सरकार ने अगले चरण के लिए कई नए लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
मुख्य लक्ष्य—
- 216 शहरों से बढ़ाकर 295 शहरों तक विस्तार।
- 35,000 व्यक्तियों का पुनर्वास।
- महानगरों में विशेष अभियान।
- धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर फोकस।
- डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत करना।
- Implementing Agencies का प्रशिक्षण।
- राज्यों के साथ बेहतर समन्वय।
SMILE Scheme की प्रमुख विशेषताएं
- 100% केंद्र प्रायोजित योजना।
- पूरे भारत में लागू।
- समग्र पुनर्वास मॉडल।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर समान जोर।
- रोजगार और स्वरोजगार सहायता।
- सामाजिक समावेशन को बढ़ावा।
- डिजिटल पोर्टल आधारित निगरानी।
- सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं की साझेदारी।
योजना के सामने प्रमुख चुनौतियां
हालांकि योजना तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
- सभी राज्यों में समान गुणवत्ता से कार्यान्वयन।
- पात्र लाभार्थियों की सही पहचान।
- पुनर्वास के बाद स्थायी रोजगार सुनिश्चित करना।
- सामाजिक भेदभाव और पूर्वाग्रह को कम करना।
- पर्याप्त शेल्टर होम की उपलब्धता।
- लाभार्थियों का नियमित फॉलो-अप।
- लोगों में जागरूकता बढ़ाना।
SMILE Scheme 2026: महत्वपूर्ण तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | SMILE Scheme |
| पूरा नाम | Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise |
| मंत्रालय | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
| शुरुआत | 12 फरवरी 2022 |
| योजना का प्रकार | Central Sector Scheme |
| मुख्य उद्देश्य | वंचित वर्गों का समग्र पुनर्वास और आत्मनिर्भरता |
| प्रमुख उप-योजनाएं | ट्रांसजेंडर कल्याण एवं SMILE-Beggary |
| वर्तमान कवरेज | 216 शहर |
| भविष्य का लक्ष्य | 295 शहर |
| पुनर्वास लक्ष्य | 35,000 व्यक्ति |
| अब तक पुनर्वास | 10,200 से अधिक व्यक्ति |
| डिजिटल प्लेटफॉर्म | SMILE-Beggary National Portal |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. SMILE Scheme 2026 क्या है?
यह भारत सरकार की एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय और भिक्षावृत्ति में लगे लोगों का समग्र पुनर्वास करना है।
Q2. SMILE Scheme कब शुरू हुई?
इस योजना की शुरुआत 12 फरवरी 2022 को हुई थी।
Q3. SMILE Scheme किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है?
यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है।
Q4. SMILE Scheme के कितने प्रमुख भाग हैं?
इसके दो प्रमुख उप-भाग हैं— ट्रांसजेंडर कल्याण योजना और SMILE Beggary Scheme।
Q5. SMILE Beggary Scheme कितने शहरों में लागू है?
जुलाई 2026 तक यह योजना 216 शहरों में लागू है।
Q6. सरकार का अगला लक्ष्य क्या है?
सरकार वर्ष 2030-31 तक योजना को 295 शहरों तक विस्तारित कर 35,000 लोगों का पुनर्वास करना चाहती है।
Q7. क्या ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वास्थ्य बीमा मिलता है?
हाँ, पात्र लाभार्थियों को Ayushman Bharat TG Plus के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है।
Q8. क्या योजना में कौशल विकास की सुविधा है?
हाँ, लाभार्थियों को विभिन्न रोजगारोन्मुखी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
Q9. योजना पूरी तरह किसके द्वारा वित्तपोषित है?
यह 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित Central Sector Scheme है।
Q10. क्या लाभार्थियों को रोजगार से भी जोड़ा जाता है?
हाँ, योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण के बाद नौकरी, स्वरोजगार, बैंक लिंकेज और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाती है।
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